धमतरी में पंचायती राज दिवस पर ग्राम सभाओं के माध्यम से विकास और जनभागीदारी का सशक्त संदेश

धमतरी। पंचायती राज दिवस के अवसर पर धमतरी जिले में ग्राम लोकतंत्र का सशक्त और जीवंत स्वरूप देखने को मिला। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में 24 अप्रैल से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन आयोजनों ने न केवल ग्रामीण विकास की दिशा तय की, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत किया।

जिले के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आयोजित ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूह, युवा और किसान शामिल हुए। कार्यक्रमों के दौरान संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचारों को स्मरण करते हुए पंचायती राज व्यवस्था को लोकतंत्र की आधारशिला बताया गया। ग्राम सभाओं के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गांवों का समग्र विकास तभी संभव है, जब स्थानीय समुदाय स्वयं निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाए।

ग्राम सभाओं में विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन प्रमुख रहे। ग्रामीणों से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु सुझाव भी प्राप्त किए गए। इससे योजनाओं में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई।

मनरेगा अंतर्गत आगामी कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया गया। जल संरक्षण, तालाब गहरीकरण, नाला उपचार, वृक्षारोपण, चारागाह विकास और ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण जैसे कार्यों के प्रस्ताव पारित किए गए। इन पहलों से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की विशेष उपलब्धि रही। बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं ने आर्थिक स्वावलंबन, लघु उद्यम और पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी साझा की। वहीं युवाओं ने खेल, शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। कई ग्राम पंचायतों में श्रमदान, पौधरोपण और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने जैसे अभियान चलाए गए। साथ ही सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और पात्रता आधारित लाभ वितरण पर भी गंभीर चर्चा हुई।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ग्राम पंचायतों को शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए जनभागीदारी को विकास की कुंजी बताया। वहीं सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने पंचायतों के सशक्तिकरण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया।

इस प्रकार पंचायती राज दिवस पर आयोजित ग्राम सभाओं ने यह सिद्ध किया कि जब ग्रामीण समुदाय संगठित होकर निर्णय लेते हैं, तब विकास की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और समावेशी बनती है। धमतरी जिले की यह पहल सशक्त ग्राम और सशक्त राष्ट्र की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

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