ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल अधोसंरचना में छत्तीसगढ़ ने रचा नया विकास अध्याय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल वर्तमान की चुनौतियों का समाधान ही नहीं किया, बल्कि छत्तीसगढ़ के दीर्घकालीन और समग्र विकास की मजबूत नींव भी रखी है। ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना के क्षेत्रों में बीते ढाई वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऊर्जा क्षेत्र गंभीर संकट से जूझ रहा था। भाजपा सरकार ने उत्पादन, पारेषण और वितरण—तीनों स्तरों पर दीर्घकालिक रणनीति अपनाई। राज्य में आयोजित एनर्जी समिट के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 500 से अधिक नए सोलर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 76 हजार से अधिक घरों में सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों का बिजली बिल शून्य अथवा अत्यंत कम हो गया है। मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज माफ कर आम नागरिकों को राहत प्रदान की गई है। किसानों के लिए सिंचाई पंपों के ऊर्जीकरण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा कृषि विद्युत सब्सिडी में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खनिज संपदा का उपयोग केवल राजस्व अर्जन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों और स्थानीय नागरिकों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय जिला खनिज न्यास (DMF) में व्यापक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आईं, जबकि वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने रिकॉर्ड 16 हजार 737 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है। खनिज ऑनलाइन 2.0 एवं डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू कर खनन क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। अब तक डीएमएफ के माध्यम से प्रदेश को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है, जिससे 82 हजार से अधिक विकास कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अवैध खनन के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा ड्रोन, जीपीएस और आरएफआईडी आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के भविष्य के लिए आवश्यक क्रिटिकल एवं स्ट्रेटजिक मिनरल्स के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। लीथियम सहित महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी सफलतापूर्वक की गई है। महासमुंद जिले में हीरे मिलने को उन्होंने प्रदेश की नई संभावनाओं का संकेत बताया। पर्यावरण संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। इसी सोच के साथ राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। भारतीय वन अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।

डिजिटल अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते ढाई वर्षों में दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुँचाने के लिए 829 नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। भारतनेट फेज-3.0 के अंतर्गत लगभग 5,659 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा।

शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने तबादला संस्कृति के कारण विद्यालयों की व्यवस्था को कमजोर किया। वर्तमान सरकार ने युक्तियुक्तकरण कर शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या का समाधान किया है। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ नाइलिट, निफ्ट और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय जैसी संस्थाएँ स्थापित की जा रही हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 91 प्रतिशत से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है तथा प्रत्येक परिवार के कम-से-कम एक सदस्य को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पाँच नए शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो रहे हैं, जिससे प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 21 तथा एमबीबीएस सीटों की संख्या लगभग 2,900 हो जाएगी।

सहकारिता क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं को नई ऊर्जा दी जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विज़न को धरातल पर उतारते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और किसान-केंद्रित सहकारिता व्यवस्था विकसित की जा रही है। अपने वक्तव्य के समापन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव तथ्यों, जनभावनाओं और प्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर से पूरी तरह कटा हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का सबसे बड़ा आधार जनता का विश्वास है। यही विश्वास सरकार को सेवा, सुशासन, पारदर्शिता और विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास के बल पर छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई ऊँचाइयों की ओर निरंतर अग्रसर रहेगा।

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