मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि पिछली सरकार ने वर्षों तक आदिवासियों के नाम पर राजनीति की, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं और विकास से वंचित रखा। उनकी सरकार ने जनजातीय अंचलों में विश्वास, विकास और सुरक्षा—तीनों को साथ लेकर काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। पूर्व में बंद की गई चरणपादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। वनाधिकार पत्रधारकों के नामांतरण जैसी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर जनजातीय परिवारों को राहत दी गई। दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से प्रदेश के 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 56 हजार 569 विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) परिवारों तक आवास, सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। जनजातीय अस्मिता और गौरव को सशक्त करने के लिए नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय विकसित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना राज्य के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कानून व्यवस्था और नक्सलवाद के मोर्चे पर राज्य ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दशकों पुरानी नक्सल समस्या निर्णायक रूप से कमजोर हुई है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद के समाधान के लिए कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई, जबकि वर्तमान सरकार ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर समानांतर कार्य किया।उन्होंने कहा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू कर कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया गया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में केवल पांच साइबर थाने खोले गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में नौ साइबर थाने स्थापित किए हैं और पांच नए साइबर थानों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। युवाओं के भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाशक्ति को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है। पुलिस विभाग में कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में 4,174 पदों पर भर्ती हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने केवल ढाई वर्षों में लगभग 7,000 पदों पर भर्ती की है और आने वाले समय में 7,000 अतिरिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 22 हजार से अधिक युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री एआई मिशन प्रारंभ किया गया है तथा एनआईटी रायपुर और आईआईआईटी नवा रायपुर में दो अत्याधुनिक एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में “तबादला उद्योग” फलता-फूलता रहा, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास प्रभावित हुआ। वर्तमान सरकार ने नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इससे प्रदेश में 1 लाख 74 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। वस्त्र उद्योग क्षेत्र में ही 42 हजार से अधिक रोजगार उपलब्ध होंगे। राज्य के पहले गारमेंट उद्योग की स्थापना की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नई तकनीक और नवाचार का केंद्र बनाने के लिए सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित नीति तैयार कर रही है। राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अत्याधुनिक इकाई, देश का पहला एआई-सेज (AI-SEZ) तथा पहला एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने योग्य बनाना है। सुशासन, निवेश, कौशल और नवाचार के समन्वय से प्रदेश को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।