रायपुर। खरीफ सीजन 2026-27 को दृष्टिगत रखते हुए जिले में किसानों को समय पर एवं सुगमता से उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वर्तमान में सक्ति जिले में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा आवश्यकतानुसार किसानों को लगातार वितरण किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति के अनुसार सहकारी क्षेत्र में कुल 28,750 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 28,803.00 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। इनमें से 22,534.00 मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है, जबकि वितरण उपरांत 6,268.00 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं, जिससे किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उपलब्ध भंडारण में यूरिया 3,263.00 मीट्रिक टन, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) 968.00 मीट्रिक टन, पोटाश 175.00 मीट्रिक टन, डीएपी 528.20 मीट्रिक टन तथा एनपीके 1,334.85 मीट्रिक टन शामिल हैं। अब तक किसानों को यूरिया 12,495.10 मीट्रिक टन, एसएसपी 2,462.00 मीट्रिक टन, पोटाश 657.60 मीट्रिक टन, डीएपी 2,021.50 मीट्रिक टन तथा एनपीके 4,895.05 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। वहीं, डबल लॉक सेंटरों में यूरिया 1,676.10 मीट्रिक टन, एसएसपी 337.00 मीट्रिक टन, पोटाश 228.60 मीट्रिक टन, डीएपी 749.00 मीट्रिक टन एवं एनपीके 80.00 मीट्रिक टन, कुल 3,070.00 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं। खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले को 24,255.00 क्विंटल बीज का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध 23,979.20 क्विंटल बीज का भंडारण समितियों में किया जा चुका है तथा 23,620.00 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है। साथ ही सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का क्रय करें तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के साथ वैकल्पिक उर्वरकों को भी अपनाएं। विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त आवंटन एवं आपूर्ति की कार्यवाही भी लगातार की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी जारी रहेगी, जिससे किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराया जा सके।
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