रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में वंदे मातरम् के केवल दो पद गाने का फैसला बेहद निराशाजनक है। कांग्रेस की यह हठधर्मिता देश की भावनाओं के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश की स्वतंत्रता के संघर्ष का अभिन्न हिस्सा रहा है। अनेक वीर शहीदों ने इसे गाते हुए अपना जीवन बलिदान किया। कांग्रेस का यह फैसला उन महान शहीदों का अपमान है। यह संविधान और देश की 140 करोड़ जनता की भावनाओं का भी अपमान है।
साव ने कहा कि कांग्रेस आज भी तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है। कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर मुस्लिम लीग के रास्ते पर जाती दिखाई दे रही है। CWC का यह प्रस्ताव कांग्रेस की इसी सोच को स्पष्ट करता है।
उप मुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों को धमकाने की घटनाओं पर कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े लोगों द्वारा पहले शिवनंदनपुर में अधिकारियों को धमकाने और फिर रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद ईडी अधिकारियों को धमकाने की घटनाएं सामने आई। अब ऐसी घटनाएं लगातार सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। ये विष्णु देव साय सरकार का सुशासन सरकार है। अधिकारियों को धमकाना और यह कहना कि सत्ता में आने के बाद देख लेंगे, लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। साव ने कहा कि अधिकारी के साथ गाली-गलौज करना और डंडे से मारने की धमकी देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। ऐसी भाषा और व्यवहार लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
भूपेश बघेल सत्ता में रहते हुए अधिकारियों पर किस तरह का दबाव बनाया गया होगा, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज कांग्रेस के कई सहयोगी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। लोकतंत्र में कानून से ऊपर कोई नहीं है।