धमतरी। माडमसिल्ली बांध के मत्स्य ठेके को लेकर स्थानीय मछुआरों, किसानों और आदिवासी परिवारों के हितों का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।
धमतरी जिले के भाजपा नेता एवं जनसेवक खूबलाल ध्रुव ने मत्स्य मंत्री रामविचार नेताम से माडमसिल्ली बांध के मत्स्य ठेके के मामले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर हाल में भी स्थानीय स्तर पर मांगें उठती रही हैं।खूबलाल ध्रुव का कहना है कि माडमसिल्ली बांध के निर्माण के लिए आदिवासी समाज, किसानों और क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी जमीन दी थी। वर्तमान में इसी बांध से मिलने वाली आजीविका का लाभ स्थानीय लोगों से दूर होना चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि मछली पालन और मछली पकड़ना क्षेत्र के अनेक मछुआरा परिवारों की रोजी-रोटी का प्रमुख साधन है। ऐसे में करीब ₹1 करोड़ 1 लाख 51 हजार के वार्षिक मत्स्य ठेके को लेकर स्थानीय मछुआरों, किसानों और आदिवासी परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
खूबलाल ध्रुव ने मंत्री रामविचार नेताम से आग्रह किया कि वर्ष 2026 से 2036 तक के मत्स्य ठेके पर पुनर्विचार किया जाए और स्थानीय मछुआरा परिवारों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए उचित निर्णय लिया जाए।उन्होंने कहा कि सरकार से उम्मीद है कि गरीब मछुआरों, किसानों और आदिवासी परिवारों की आजीविका से जुड़े इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। स्थानीय हितों और आजीविका की सुरक्षा को लेकर माडमसिल्ली बांध का मत्स्य ठेका अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।