रेप पीड़िता को 5 लाख कैश और जमीन का ऑफर, केस दबाने में जोर लगा रहा गांव का पंचायत

रायगढ़। जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के नारायणपुर अंतर्गत मूड़ापारा गांव में 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अब समझौते के लिए दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी पक्ष और कुछ प्रभावशाली लोगों की ओर से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। मामले की जमीनी पड़ताल के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि शंकर से पंचायत की भूमिका को लेकर सवाल किए गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित पक्ष पंचायत के पास नहीं आता, तब तक पंचायत स्तर पर वह क्या कार्रवाई कर सकते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने गांव में प्रभावशाली लोगों के दबाव और स्थानीय विवादों का भी जिक्र किया।

समझौते के लिए पैसे और जमीन देने का आरोप

पीड़िता के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि आरोपी पक्ष की तरफ से मामला खत्म करने के लिए करीब 5 लाख रुपये नकद, जमीन और मकान देने का प्रस्ताव दिया गया। परिवार का यह भी दावा है कि एफआईआर वापस लेने और बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, उन्हें अन्य युवकों को मामले में फंसाने की धमकी देकर भी दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप का आरोप

मामले में कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप और दबाव की भी चर्चा है। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि स्थानीय रसूख के कारण उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। वहीं, पंचायत प्रतिनिधि ने भी गांव में प्रभावशाली लोगों के दबाव की बात कही है।

न्याय की मांग पर अड़ी पीड़िता

तमाम कथित दबाव और समझौते के प्रयासों के बावजूद पीड़िता न्याय की मांग पर कायम है। परिवार ने नाबालिग की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उसे गांव से दूर सुरक्षित स्थान पर रखकर आगे की पढ़ाई कराने की मांग की है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में यदि पीड़िता या उसके परिवार पर समझौते, बयान बदलने या धमकी देने का दबाव बनाया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। पीड़िता के परिवार ने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के साथ-साथ कथित रूप से दबाव बनाने वालों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि समझौते के आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

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