नई दिल्ली/ छत्तीसगढ़। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह से एक दिन पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों को अपने आवास पर आमंत्रित कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शिक्षिका सुनीता यादव ने प्रधानमंत्री के साथ अपने शिक्षण कार्य, नवाचारों और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके नियमित अध्यापन कार्य के साथ शिक्षा में नवाचार, तकनीक और रचनात्मक माध्यमों के उपयोग की सराहना की।
ग्रामीण क्षेत्र के छोटे से विद्यालय में बच्चों के लिए लघु फिल्मों के माध्यम से शिक्षण, ऑडियो बुक और पॉडकास्ट जैसे माध्यमों का उपयोग तथा स्मार्ट क्लास के संचालन जैसे प्रयासों ने उनके विद्यालय को नवाचार आधारित शिक्षा का उदाहरण बनाया है।शिक्षिका सुनीता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिलने पर जिले के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा , कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि जिले की शिक्षिका का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए गौरव की बात है। उनके नवाचारपूर्ण कार्य जिले के अन्य शिक्षकों को भी नई सोच के साथ शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे। जिले के प्रभारी मंत्री ने भी सुनीता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र में रहकर बच्चों की शिक्षा को नवाचार, तकनीक और संवेदनशीलता से जोड़ने का उनका प्रयास सराहनीय है। यह उपलब्धि न केवल सुनीता यादव बल्कि पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। सांकरा, जिला महासमुंद में शिक्षक परिवार में जन्मीं सुनीता यादव छात्र जीवन से ही मेधावी रही हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सांकरा में हुई।
उन्होंने कला महाविद्यालय पिथौरा से स्नातक तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर से बी.एड. की उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने शिक्षण को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में चुना।
बरमकेला के व्यवसायी नंदकुमार यादव से विवाह के बाद भी उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सक्रियता और रचनात्मकता को निरंतर आगे बढ़ाया। उनकी पुत्री सृजना यादव गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार की छात्रा हैं।
आज राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान सुनीता यादव की उस निरंतर यात्रा की राष्ट्रीय पहचान है, जिसमें एक छोटे से ग्रामीण विद्यालय की कक्षा को उन्होंने नवाचार, साहित्य, तकनीक और संवेदनशीलता से जोड़कर बच्चों के लिए सीखने का जीवंत मंच बनाया।