अधिकारी-मंत्री से पहचान का दिया हवाला, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमाया, रायपुर में टेलर के साथ 3.78 लाख की ठगी

रायपुर। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र से सामने आया है। छत्तीसगढ़ नगर निवासी टेलर धन्नू राम ध्रुव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि प्रमोद केशरवानी ने मंत्री और अधिकारियों से अपनी अच्छी पहचान होने का झांसा देकर उनके रिश्तेदारों की नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख 78 हजार रुपये लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी रकम लेने के बाद संपर्क से बाहर हो गया।

मंत्री-अधिकारियों से पहचान का दिया भरोसा

शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2023 में प्रमोद केशरवानी उनके घर के पास किराये से रहता था। वह खुद को मंत्री और अधिकारियों का करीबी बताता था। शिकायतकर्ता ने उसे कई बार अधिकारियों की गाड़ियों में आते-जाते भी देखा था, जिसके चलते उसे प्रमोद की बातों पर भरोसा हो गया। इसी दौरान राजस्व विभाग में भर्ती निकलने की बात कहते हुए प्रमोद ने सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया। उसने शिकायतकर्ता के साढ़ू के भांजे परमेश्वर मरकाम की नौकरी लगवाने के लिए 2.50 लाख रुपये की मांग की।

20 हजार रुपये ऑनलाइन, 2.10 लाख नकद देने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, परमेश्वर की नौकरी के लिए पहले 20 हजार रुपये फोन-पे के जरिए प्रमोद के मोबाइल नंबर पर भेजे गए। इसके बाद 30 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ नगर में प्रमोद को 2 लाख 10 हजार रुपये नकद दिए गए। आरोप है कि इसके बाद प्रमोद ने परमेश्वर को कवर्धा तहसील कार्यालय में नौकरी लगने संबंधी अंग्रेजी में ज्वाइनिंग लेटर भी दिया। परमेश्वर ने करीब चार महीने तक तहसील कार्यालय कवर्धा में काम किया, लेकिन उसे काम का भुगतान भी नहीं मिला।

दो भांजों की नौकरी के नाम पर भी लिए 1 लाख

शिकायतकर्ता धन्नू राम ध्रुव के मुताबिक, प्रमोद की बातों पर भरोसा करके उन्होंने अपने दो भांजों मिथुन मरकाम और अमित छेदाईया को शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने के लिए भी 50-50 हजार रुपये, यानी कुल 1 लाख रुपये नकद दिए। शिकायत के अनुसार, रकम लेने के बाद प्रमोद लगातार नौकरी लगवाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगवाई। बाद में जब उससे संपर्क करने की कोशिश की गई तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला और वह संपर्क से बाहर हो गया।

टिकरापारा थाने में शिकायत, पुलिस जांच में जुटी

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रमोद केशरवानी ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर विश्वास में लिया और कुल 3 लाख 78 हजार रुपये लेकर धोखाधड़ी की। मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस शिकायत में बताए गए लेन-देन, ज्वाइनिंग लेटर और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

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