झारखंड/पश्चिम बंगाल। भारत सरकार की “जीरो कोल लीकेज” (कोयले की शून्य चोरी) पहल को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत अवैध कोयला खनन, चोरी, अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
एमएमडीआर अधिनियम की धारा 22, 23बी और 24 के तहत सीआईएसएफ के नामित अधिकारियों को अधिकार मिलने के बाद, बल ने राष्ट्रीय खनिज संसाधनों की सुरक्षा और कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान कोल इंडिया की सहायक कंपनियों, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वय से और खुफिया जानकारियों के आधार पर चलाया जा रहा है। 04 से 08 जुलाई 2026 के बीच, सीआईएसएफ ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कोयला क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाए। इन अभियानों के परिणामस्वरूप 428.34 मीट्रिक टन अवैध रूप से खनन, भंडारित या ले जाया जा रहा कोयला बरामद किया गया। इसके साथ ही, 04 एफआईआर (FIR) दर्ज की गईं, एक हाइवा (Hyva) ट्रक और 13 से अधिक मोटरसाइकिलें तथा अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए गए। कई अपराधियों को पकड़ा गया है और एमएमडीआर एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस अभियान के तहत कई संवेदनशील खनन क्षेत्रों और कोयला परिवहन मार्गों को कवर किया गया, जिसका विस्तृत विवरण इस प्रकार है, बीसीसीएल (BCCL), धनबाद: सीआईएसएफ ने कतरास, ब्लॉक-II, बसंतीमाता (कारगिल), कुस्तौर, सिजुआ, जियलगोरा, बरोरा, गोविंदपुर और एनटीएसटी क्षेत्रों में खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी की। सटीक सूचना, ड्रोन निगरानी और जमीनी स्तर पर जांच के जरिए बल ने 319.54 मीट्रिक टन अवैध रूप से रखा कोयला बरामद किया। इसके अलावा, कोयले से लदा एक ट्रक और अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाली कई मोटरसाइकिलें जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई।
ईसीएल (ECL) सीतलपुर: राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर-II ओसीपी (मुगमा क्षेत्र), सोनपुर-बाज़ारी और कुनुस्तोरिया क्षेत्रों में सघन अभियान चलाए गए। तलाशी और जब्ती के अलावा, सीआईएसएफ ने कोयला डिपो, धर्मकांटों (weighbridges), परिवहन दस्तावेजों और वैधानिक उत्पादन रिकॉर्ड्स की जांच की। इस कार्रवाई में 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया, गाड़ियां जब्त की गईं और घुसपैठियों को पकड़ा गया। कई चालू खदानों पर निरीक्षण के दौरान नियमों का पालन होते हुए भी पाया गया, जिससे कोयला परिवहन में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
सीसीएल (CCL) पिपरवार: रूटीन चेकिंग के दौरान सीआईएसएफ ने छिपाकर अवैध कोयला ले जा रहे एक हाइवा ट्रक को पकड़ा। यहां कुल 13.62 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ, जिसे वाहन के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।
सीसीएल (CCL) करगली: विशेष अभियानों के दौरान 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया और अवैध खनन गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही 7 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। इन ऑपरेशन्स को सफल बनाने के लिए मानव खुफिया तंत्र (Human Intelligence), ड्रोन से निगरानी, परिवहन मार्गों की ट्रैकिंग, औचक निरीक्षण, परिवहन दस्तावेजों की जांच, कोयला डिपो और धर्मकांटों की जांच के साथ-साथ जीपीएस (GPS) आधारित दस्तावेज़ीकरण का इस्तेमाल किया गया।
भविष्य की रणनीति
सीआईएसएफ अवैध खनन और कोयला चोरी को पूरी तरह खत्म करने के लिए कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, उसकी सहायक कंपनियों, राज्य सरकारों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और अवैध कोयला खनन, भंडारण या परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।