दुर्ग। सोने का बिस्किट दिलाने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में दुर्ग जिले की रानीतराई पुलिस ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विश्वजीत मौर्य (29 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम रेंगाकठोरा निवासी समीर साहू ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर थाना रानीतराई में अपराध क्रमांक 16/2026, धारा 318(4), 3(5), 111 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाई। जांच में मोबाइल नंबरों की लोकेशन दूसरे राज्य में सामने आई। इसके बाद आवश्यक अनुमति प्राप्त कर रानीतराई पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने थाना इंदिरापुरम, जिला गाजियाबाद क्षेत्र में आरोपी की तलाश की और विश्वजीत मौर्य को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मोबाइल धारक राहुल कुमार के साथ मिलकर लोगों से धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की।
सोने के बिस्किट का लालच देकर बनाते थे शिकार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को सोने का बिस्किट दिलाने का लालच देकर अपने विश्वास में लेते थे। इसके बाद इसी लालच के जरिए उनसे रकम हासिल कर धोखाधड़ी की जाती थी। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी विश्वजीत मौर्य, निवासी रायबरेली, उत्तर प्रदेश, वर्तमान में इंदिरापुरम, गाजियाबाद में रह रहा था। पुलिस ने उसे गाजियाबाद से विधिवत गिरफ्तार कर 6 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
रानीतराई पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मोबाइल लोकेशन के आधार पर दूसरे राज्य में मौजूद आरोपी की पहचान कर पुलिस टीम ने गाजियाबाद पहुंचकर गिरफ्तारी की।