रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने विभिन्न निगम, मंडल और आयोगों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। शासन की ओर से 27 अगस्त 2026 को जारी आदेश में 18 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी तथा छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।

वहीं विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य क्रेडिट शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आनंद निषाद, संस्कृत विद्या मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत, शिक्षकर्मी बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र नायक, छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गोतमा, हज कमेटी के अध्यक्ष एजाज मिर्जा बेग, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन संघ के अध्यक्ष भोराज देवांगन, राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, सिंधी अकादमी की अध्यक्ष सुषमा जेठानी और सहकारी विपणन संघ के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी शामिल हैं।
इसके अलावा रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज), अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष देवेंद्र मनेंद्रगढ़ तथा अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मंगल दास ठाकुर को भी राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।
शासन ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह दर्जा केवल शिष्टाचार एवं प्रोटोकॉल की दृष्टि से प्रदान किया गया है। इसके तहत संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक विभाग/आयोग की होगी।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सूची किसी प्रकार की वरिष्ठता अथवा प्रोटोकॉल की स्थिति निर्धारित नहीं करती। आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावशील रहेगा।