जशपुर। जिले में महिला की हत्या कर शव को रेत में दफनाने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चौकी दोकड़ा क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में हुई इस वारदात में पुलिस ने मृतका के बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों पर महिला की हत्या करने और शव को दफनाकर साक्ष्य मिटाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती स्थित हरावती बाई के घर से तेज दुर्गंध आ रही है और मकान पर बाहर से ताला लगा हुआ है। सूचना मिलते ही चौकी दोकड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में घटनास्थल की जांच की गई। जांच के दौरान घर के पास निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप रेत में दफन एक महिला का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान हरावती बाई (58 वर्ष) के रूप में हुई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस को मृतका का बेटा भूषण राम संदिग्ध लगा। मां की मौत के बाद अंतिम संस्कार और पंचनामा की कार्रवाई से उसका दूर रहना पुलिस के संदेह का कारण बना। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में भूषण राम ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई से उसका पिछले पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। वहीं उसकी मां हरावती बाई और श्यामपति बाई के परिवार के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद भी चल रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि 24 जुलाई की रात श्यामपति बाई और उसकी मां बुधमति बाई ने मिलकर हरावती बाई की गला दबाकर हत्या कर दी। अगले दिन भूषण राम को घटना की जानकारी दी गई और उससे किसी को कुछ नहीं बताने के लिए कहा गया। कुछ दिनों बाद शव से दुर्गंध आने लगी तो तीनों ने मिलकर रात के समय शव को घर से निकालकर पास के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप गड्ढा खोदा और रेत में दफनाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने शव दफनाने में इस्तेमाल किया गया फावड़ा और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद कर जब्त की है। एफएसएल जांच, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में श्यामपति बाई (42 वर्ष), बुधमति बाई (65 वर्ष) और भूषण राम (29 वर्ष) को गिरफ्तार कर 1 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।