रायपुर। संत आशाराम आश्रम, लवकुश वाटिका, वीआईपी रोड रायपुर में संत आशारामजी बापू का 62वां आत्मसाक्षात्कार दिवस दो दिवसीय महोत्सव के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संकीर्तन यात्रा, सत्संग, पूजन, भजन-कीर्तन और भंडारे सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।महोत्सव के पहले दिन 11 अक्टूबर को सुभाष स्टेडियम से भव्य संकीर्तन यात्रा निकाली गई, जिसमें 500 से अधिक साधक भाई-बहनों ने भाग लिया।








यात्रा में बापूजी का रथ, साक्षात्कार दिवस की झांकी, कलश लिए माताएं-बहनें, ध्वजधारी साधक और भजन-कीर्तन करती मंडलियां शामिल रहीं।संकीर्तन यात्रा कालीबाड़ी चौक, बिजली ऑफिस चौक, बुढ़ापारा चौक, लाखेनगर चौक, आजाद चौक, तात्यापारा चौक, कंकालीपारा और पुरानी बस्ती सहित शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा वापस सुभाष स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई।
महोत्सव के दूसरे दिन 12 अक्टूबर को आश्रम परिसर में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी और संत-महात्मा उपस्थित रहे।
मुख्य समारोह में पूज्य बापूजी की पादुका का पूजन एवं अभिषेक, गुरु-वंदना, ध्यान-सत्र और सत्संग का आयोजन किया गया। साधकों ने आत्मसाक्षात्कार से जुड़े प्रसंगों को साझा किया। दोपहर में विशाल भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। शाम को दीपमाला, भजन-संध्या और आरती के साथ दो दिवसीय महोत्सव का समापन हुआ।
आयोजकों के अनुसार, इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूज्य बापूजी के उत्तम स्वास्थ्य और शीघ्र सत्संग में पधारने की कामना के साथ सामूहिक प्रार्थना की। आश्रम प्रबंधन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।