बस्तर-सरगुजा ओलंपिक सहित राष्ट्रीय खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से निखरी छत्तीसगढ़ के युवा पीढ़ी की पहचान
एक समय था जब यह माना जाता था कि केवल पढ़ाई-लिखाई ही उज्ज्वल भविष्य और अच्छी नौकरी का मार्ग है। इसी सोच को दर्शाते हुए कहा जाता था- ‘पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब।’ लेकिन आज का भारत इस धारणा को पूरी तरह बदल चुका है। इसलिए आज के दौर में यह कहना उचित नहीं…