नागपुर। नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण फंसे 105 भारतीय नागरिक सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. ये सभी यात्री नागपुर के रहने वाले थे. सुबह करीब 5 बजे पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से वे नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे. यहां उनके परिवार के लोगों और उनके दोस्तों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. भीषण बाढ़ में फंसे होने के बाद अपने घर वापस लौटने पर इन लोगों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई. इन लोगों ने अपनी सकुशल भारत वापसी के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रशासन का आभार भी जताया है.
तमिलनाडु के भी कई लोगों को सुरक्षित भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है. इस मामले पर राज्य मंत्री राजमोहन ने बताया कि नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 को बचा लिया गया है और ये सभी लोग 31 अगस्त को भारत आ जाएंगे.
तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने बताया कि तमिलनाडु सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है. और नेपाल में फंसे तमिल लोगों को बचाने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के 319 लोग नेपाल में फंसे थे, जिनमें से 219 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. और ये लोग 31 अगस्त तक भारत पहुंच जाएंगे. उनका कहना है कि अन्य 100 लोगों की तलाश की जा रही है. शनिवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने X पर पोस्ट करते हुए बताया कि नेपाल के लिए भारत की चौथी राहत खेप काठमांडू पहुंच चुकी है. भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री के साथ टनल रेस्क्यू की तकनीकी टीम भी भेजी है. साथ ही, DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ भी पहुंचे हैं. इनके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट व हाइजीन किट भेजी गई हैं.
नेपाल पहले से भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है. अब भोटेकोशी नदी को लेकर नई चिंता सामने आई है. रसुवा जिला प्रशासन को नदी में पानी का बहाव बढ़ने की आवाज सुनाई दी है. राहत की बात यह है कि फिलहाल नदी किनारे के इलाकों में बड़ी बाढ़ का खतरा नहीं है. पानी का बहाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा है.