रायगढ़। एसईसीएल के छाल क्षेत्र की लात खुली खदान तथा जिले की अन्य खदानों में कार्यरत ठेका कंपनियों के विरुद्ध प्राप्त श्रमिक शिकायतों और अनियमितताओं की जांच के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त दल का गठन किया है।कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, रायगढ़ के कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, एसईसीएल छाल उपक्षेत्र के श्रमिकों द्वारा तहसील कार्यालय एवं स्थानीय प्रशासन को शिकायतें प्रस्तुत की गई थीं। शिकायतों में ठेका कंपनी सुनील कुमार अग्रवाल (एसकेए) के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि उनसे निर्धारित 8 घंटे के बजाय प्रतिदिन 12 से 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। साथ ही महीने के 30-31 दिनों में बिना साप्ताहिक अवकाश के लगातार कार्य कराया जाने की शिकायत भी की गई है।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एसईसीएल की ओर से पूरा बजट जारी होने के बावजूद ठेका श्रमिकों को निर्धारित हाई पावर कमेटी (एचपीसी) दर का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर प्रतिदिन आने-जाने वाले कर्मचारियों से ₹6,000 तक की कटौती किए जाने का आरोप लगाया गया है। श्रमिकों ने पे-स्लिप, सेफ्टी किट और बोनस जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने तथा वेतन का भुगतान बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से नहीं किए जाने की शिकायत भी की है।
वहीं, अपने अधिकारों की बात करने वाले श्रमिकों को नौकरी से निकालने की कथित धमकी दिए जाने का आरोप भी सामने आया है।प्रशासन ने इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त दल गठित किया है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो छाल उपक्षेत्र का कार्य पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से गठित संयुक्त दल की जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।