रायगढ़। खरसिया तहसील के ग्राम कोठीकुंडा में हुए बहुचर्चित तिहारू साहू हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और ₹2-₹2 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला 7 जुलाई 2025 का है। पारिवारिक विवाद के दौरान तिहारू साहू अपनी दूसरी पत्नी सुकमति साहू के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। ग्राम कोठीकुंडा में उनके रास्ते में बांस रखकर मोटरसाइकिल रोक दी गई। आरोप है कि तिहारू की पहली पत्नी जानकी साहू और उसकी बहन जया साहू ने उनके साथ विवाद और धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
इसी दौरान तिहारू का बेटा विकास साहू और साला भुनेश्वर साहू भी मौके पर पहुंच गए। चारों ने मिलकर तिहारू के साथ मारपीट की। आरोप के अनुसार, विकास साहू ने धारदार टांगी से हमला कर दिया, जिससे तिहारू के आंख के ऊपर, भुजा, जांघ और पैर में गंभीर चोटें आईं।
घायल तिहारू साहू का उपचार चल रहा था, लेकिन 12 जुलाई 2025 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस जोड़ी।
दो महीने में पेश किया गया चालान
घटना की रिपोर्ट के बाद जोबी पुलिस ने अपराध क्रमांक 373/2025 के तहत मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने करीब दो महीने के भीतर 8 सितंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश कर दिया था। अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी की प्रभावी पैरवी और चौकी प्रभारी एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर की विवेचना के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषी माना।
इन चार आरोपियों को मिली उम्रकैद
- विकास साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोठीकुंडा
- भुनेश्वर साहू, उम्र 38 वर्ष, निवासी तिउर, थाना खरसिया
- जानकी साहू, उम्र 45 वर्ष, निवासी कोठीकुंडा
- जया साहू, उम्र 33 वर्ष, निवासी भागोड़ीह, थाना खरसिया, वर्तमान पता तिउर
न्यायालय ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास तथा ₹2,000-₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में त्वरित विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते चालान पेश होने के करीब एक वर्ष के भीतर फैसला आया।