रायपुर। राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हिंदी को भारतीय संस्कृति, संस्कार और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज एवं सशक्त माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हिंदी भाषा हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार और हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम है। हिंदी न केवल लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ती है, बल्कि देश में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाओं और बोलियों के बीच आत्मीयता का सेतु भी बनाती है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को केवल संवाद की भाषा तक सीमित न रखते हुए इसे ज्ञान, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी लगातार विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदी को आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ जोड़कर इसे विकसित भारत की सशक्त भाषा बनाया जा सकता है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए आगे आना चाहिए।
देश की विविधता में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत भाषाई और सांस्कृतिक विविधताओं वाला देश है। अलग-अलग भाषाओं और बोलियों के बावजूद हिंदी लोगों के बीच संवाद और आत्मीयता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने नागरिकों से हिंदी भाषा पर गर्व करने और दैनिक जीवन में इसके प्रयोग को बढ़ाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस को हिंदी के प्रति सम्मान और इसके व्यापक विकास के संकल्प का अवसर बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी को समय के साथ विकसित करते हुए ज्ञान-विज्ञान, तकनीक और नवाचार की भाषा के रूप में मजबूत करना होगा। इससे हिंदी न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रभावी पहचान बना सकेगी।