दिल्ली। स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर और टेम्पर्ड ग्लास से जुड़ा नया गुणवत्ता मानक लागू होने जा रहा है। सरकार ने स्मार्टफोन समेत इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले के लिए इस्तेमाल होने वाले ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए IS 19348:2025 मानक निर्धारित किया है। BIS के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार यह मानक 29 जुलाई 2025 को प्रकाशित हुआ था।
बताया गया है कि नए नियमों का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता को बेहतर करना और घटिया या मानकहीन उत्पादों पर रोक लगाना है। BIS के मसौदा मानक में स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, पीसी स्क्रीन और ई-रीडर जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले पर लगाए जाने वाले ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर को शामिल किया गया है।
किन चीजों की होगी जांच?
IS 19348:2025 के तहत ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता और मजबूती से जुड़े कई पहलुओं पर ध्यान दिया गया है। इनमें ग्लास की मोटाई, आयाम, मजबूती, एंटी-शटर फिल्म, ओलेओफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर फिल्म और अन्य सुरक्षा परतें शामिल हो सकती हैं। आधिकारिक मसौदा मानक के अनुसार स्क्रीन प्रोटेक्टर में केमिकल स्ट्रेंथेंड/टेम्पर्ड ग्लास और अन्य सुरक्षात्मक परतें हो सकती हैं।
दुकानदार और ग्राहक क्या ध्यान रखें?
BIS के अनुसार जिन उत्पादों को अनिवार्य प्रमाणन व्यवस्था के तहत लाया जाता है, उनके लिए संबंधित मानक का पालन और निर्धारित BIS प्रक्रिया जरूरी होती है। BIS की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सरकार Quality Control Order के जरिए किसी उत्पाद के लिए भारतीय मानक का अनुपालन अनिवार्य कर सकती है।
इसलिए नए नियम लागू होने के बाद स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदते समय ग्राहकों के लिए BIS मानक और संबंधित प्रमाणन/मार्किंग की जानकारी देखना महत्वपूर्ण होगा। वहीं विक्रेताओं और निर्माताओं को लागू नियमों के अनुसार ही उत्पादों की बिक्री करनी होगी।
नोट: 1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य बिक्री-रोक और संबंधित अधिसूचना की अंतिम कानूनी शर्तों को लागू करने से पहले आधिकारिक सरकारी नोटिफिकेशन देखना जरूरी है। BIS का आधिकारिक पोर्टल संबंधित भारतीय मानकों और अधिसूचनाओं की जानकारी उपलब्ध कराता है।