पिकअप में भरे मिले गौवंश, रायगढ़ पुलिस की नाकेबंदी से तस्करी नाकाम, ड्राइवर गिरफ्तार

रायगढ़। जिले में गौवंश की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से 13 गौवंशों को मुक्त कराया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल पिकअप वाहन समेत करीब 11.04 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में वाहन चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर को लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की पिकअप में मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर और क्रूरतापूर्वक भरकर झारखंड या ओडिशा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम कुंजारा मेन रोड पर नाकेबंदी की।

पिकअप की तलाशी में मिले 13 गौवंश

दोपहर करीब 12:30 बजे घरघोड़ा की ओर से एक सफेद रंग की पिकअप आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली तो उसमें 4 गाय, 8 बछिया और 1 बछुवा, कुल 13 गौवंश बंधे हुए मिले। पुलिस के मुताबिक, मवेशियों को वाहन में क्रूरतापूर्वक भरा गया था। वाहन चालक इमरान खान (29), निवासी केराडिह, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर से मवेशियों के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने मवेशियों को झारखंड/ओडिशा की ओर ले जाने की बात बताई।

11.04 लाख की संपत्ति जब्त

पुलिस ने सभी 13 गौवंशों को वाहन से मुक्त कराया। बरामद गौवंशों की अनुमानित कीमत 1.04 लाख रुपये और पिकअप वाहन की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह पुलिस ने कुल 11.04 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। लैलूंगा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 305/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6, 10 और 11 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

गौशाला में रखे गए गौवंश

पुलिस द्वारा तस्करी से मुक्त कराए गए सभी 13 गौवंशों को ग्राम झरन स्थित गौशाला में सुरक्षित रखवाया गया है। वहां उनके लिए चारा और पानी की व्यवस्था की गई है। रायगढ़ पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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