जशपुर। जिले में बिजली पोल लगाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पत्थलगांव क्षेत्र के पाकरगांव में काम कर रहे मजदूर 11 हजार केवी बिजली लाइन के करंट की चपेट में आ गए। हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पत्थलगांव में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। हादसे ने बिजली विभाग और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाकरगांव में बिजली पोल लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूर 11 हजार केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल पत्थलगांव पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शटडाउन के बाद भी कैसे जारी रही बिजली सप्लाई?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बिजली लाइन का शटडाउन किया गया था, तो इसके बावजूद 11 हजार केवी लाइन में करंट कैसे प्रवाहित हो रहा था?
बिजली पोल लगाने जैसे कार्यों के दौरान सुरक्षा के लिए विद्युत आपूर्ति बंद करना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में शटडाउन के बाद भी करंट सप्लाई जारी रहने की बात सामने आना गंभीर जांच का विषय है। क्या बिजली लाइन का शटडाउन सही तरीके से किया गया था? क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे? बिजली सप्लाई दोबारा चालू होने से पहले मजदूरों को कोई सूचना दी गई थी या नहीं? इन तमाम सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।