दुर्ग। जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात पुलिस की सख्ती का असर आंकड़ों में दिखाई देने लगा है। ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट पर विशेष चेकिंग अभियान चलाकर पुलिस लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 27.52 प्रतिशत कम हुई है।
यातायात पुलिस ने पिछले एक महीने में नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 14,526 वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 8,892, नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले 2,236 और दोपहिया वाहन में तीन सवारी बैठाने वाले 1,315 चालकों पर कार्रवाई की गई।
इसके अलावा बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वाले 789, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 169 और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले 346 वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की गई। वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले 106 और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले 150 लोगों के खिलाफ भी चालानी कार्रवाई की गई।
सड़क हादसों में मौत के आंकड़ों में आई कमी
दुर्ग यातायात पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में 26 लोगों की मौत हुई थी, जबकि अक्टूबर 2026 में यह संख्या घटकर 21 रह गई। इस तरह अक्टूबर महीने में मृतकों की संख्या में 19.23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
वहीं जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 298 लोगों की जान गई थी। इसकी तुलना में जनवरी से अक्टूबर 2026 तक यह आंकड़ा घटकर 216 हो गया। इस प्रकार पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 27.52 प्रतिशत की कमी आई है।
ब्लैक स्पॉट पर पुलिस की विशेष निगरानी
यातायात पुलिस द्वारा सोनेसरारा धमधा रोड, मोतीपुर चौक, मुरमुंडा चौक, मालवीय नगर चौक, अवंति बाई चौक, रेल चौक और फुंडा चौक सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। यहां तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।