बिलासपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के जरिए तस्वीरों में कथित रूप से बदलाव कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें प्रकाशित करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिरगिट्टी पुलिस ने ‘द हनी बैजर न्यूज़’ पोर्टल के संचालक दीपक टंडन उर्फ अंबेडकर टंडन (46 वर्ष) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर फर्जी तस्वीरों और भ्रामक खबरों के माध्यम से व्यक्तियों एवं संस्थाओं की छवि धूमिल करने के साथ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप हैं।
पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर को तिफरा के महाराणा प्रताप नगर निवासी मणीशंकर पांडेय ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उनकी तस्वीर को AI तकनीक से बदलकर न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भ्रामक तथा अपमानजनक शीर्षकों के साथ खबरें प्रकाशित की गईं।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस तरह की सामग्री प्रकाशित करने का उद्देश्य उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और उन्हें ब्लैकमेल करना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने सिरगिट्टी थाना प्रभारी को अपराध दर्ज कर जल्द वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
शिकायत के आधार पर थाना सिरगिट्टी में अपराध क्रमांक 798/2026 दर्ज कर छत्तीसगढ़ टोन्ही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2005 की धारा 4 और 5 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत दीपक टंडन, कोमल प्रसाद चौबे और अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दीपक टंडन की संलिप्तता पाए जाने पर उसे रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल फोन में ‘द हनी बैजर’ पोर्टल से संबंधित तथा अन्य आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं। पुलिस ने आरोपी के दोनों मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इन डिजिटल सामग्रियों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल इस मामले में ब्लैकमेलिंग और उगाही से जुड़े आरोपों, डिजिटल साक्ष्यों तथा कोमल प्रसाद चौबे सहित अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।