धमतरी के किसानों को 1208 करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान, धान खरीदी के आंकड़े जारी

धमतरी। शासन द्वारा 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में है। जिले में धान उपार्जन की प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसान-हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा लगातार स्वयं मैदानी स्तर पर धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने धमतरी, मगरलोड एवं कुरूद विकासखंड के धान खरीदी केंद्र बठेना, भोथली, बगौद, भाटागांव, कोड़ेबोड़, कोकड़ी, करेलीबड़ी, कुंडेल, मगरलोड एवं बोरसी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।

कलेक्टर मिश्रा अब तक जिले के  तकरीबन 40 धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने  धान बेचने आए किसानों  सीधे रू-ब-रू हुए । उनसे संवाद किया ।  उन्होंने टोकन कटने की स्थिति, किसानों द्वारा धान विक्रय, रकबा समर्पण, धान उठाव एवं भुगतान प्रक्रिया की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन किसानों के टोकन पूर्व में ही कट चुके हैं, उनका धान प्राथमिकता के आधार पर बिना किसी विलंब के खरीदा जाए। कलेक्टर ने कहा कि छोटे, सीमांत एवं वास्तविक किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े, यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रकबा समर्पण एवं फसल सत्यापन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा फर्जी बिक्री पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समस्त कार्यवाही शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि पहली बार धान विक्रय हेतु टोकन कटवाने वाले किसानों का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान यदि फर्जी रकबा, अवैध धान बिक्री अथवा अन्य अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदार किसानों को किसी भी स्थिति में परेशान नहीं किया जाए और उनकी उपज समय पर खरीदी तथा भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, तौल प्रक्रिया एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने धान उठाव की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध उठाव से केंद्रों में भीड़ कम होगी, भंडारण की समस्या नहीं आएगी और किसानों को समय पर भुगतान प्राप्त हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार जिले की 74 उपार्जन समितियों के माध्यम से कुल 1,29,327 किसानों का 1,27,504.80 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत किया गया है। 15 नवंबर 2025 से अब तक 1,16,388 किसानों से 55,51,317.6 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल राशि 1,316.14 करोड़ रुपये है। इसके विरुद्ध 1,05,376 किसानों को 1,208.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 22 जनवरी 2026 के लिए 1,982 किसानों को टोकन जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से 8,421.38 क्विंटल धान की खरीदी प्रस्तावित है। अब तक 22,37,546.8 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है, जबकि 33,13,770.8 क्विंटल धान उपार्जन केंद्रों में उठाव हेतु शेष है। इसके साथ ही जिले में 91,986 किसानों का 5,182.91 हेक्टेयर रकबा समर्पण कराया जा चुका है। कलेक्टर मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया किसान हितों को सर्वोपरि रखते हुए अंतिम दिन तक सुचारू रूप से संचालित की जाएगी, ताकि प्रत्येक पात्र किसान को अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।

One thought on “धमतरी के किसानों को 1208 करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान, धान खरीदी के आंकड़े जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *