मंदिर परिसर में किशोरी का बलात्कार, 66 साल का दरिंदा गिरफ्तार

हैदराबाद। हैदराबाद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक मंदिर के 66 वर्षीय प्रबंधक को मंदिर परिसर के भीतर एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना 13 अगस्त को हुई थी। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रामचंद्रपुरम थाने में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।

बता दें कि इससे पहले ओडिशा के अंगुल जिले की एक त्वरित अदालत ने पिछले साल मई में एक लड़की से दुष्कर्म के मामले में 23 वर्षीय व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। विशेष अदालत के न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए दोषी सत्यब्रत मिश्रा उर्फ कालिया पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

सरकारी वकील ने बताया कि जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि वसूल होने पर पूरी रकम पीड़िता को दी जाए। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत पीड़िता को सात लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। सरकारी वकील ने बताया कि अदालत ने मिश्रा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषी अपराध को अंजाम देने से पहले सात वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर गांव के पास एक सुनसान स्थान पर ले गया था। अभियोजन के मुताबिक, यह घटना 19 मई, 2025 को हुई थी। पीड़िता की मां ने घटना के अगले दिन शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने 22 मई को मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले भी दोषी ने नाबालिग बच्ची का यौन उत्पीड़न किया था।

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