बड़ी खबर. धार्मिक यात्रा पर भारत आई श्रीलंका की एक महिला दर्शनार्थी की शनिवार को लुंबिनी से श्रावस्ती जाते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई। 46 विदेशी यात्रियों के दल के साथ टूरिस्ट बस से यात्रा कर रही महिला के सीने में अचानक तेज दर्द उठा। सहयात्रियों ने तत्काल उसे संभाला और दल में शामिल महिला स्वास्थ्यकर्मी ने प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। आनन-फानन बस को बलरामपुर की ओर मोड़कर महिला को जिला मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। श्रीलंका के कालूबौला के रहने वाले तुसारी इनौक की पत्नी 56 वर्षीय कहापोला अदा रैचिगे धार्मिक यात्रा पर भारत आई थीं। टूरिस्ट बस चालक मुकेश के अनुसार 46 यात्रियों का यह दल भोपाल से धार्मिक यात्रा पर निकला था। दल ने यात्रा के दौरान सांची, कौशांबी, वाराणसी, गया, कुशीनगर और वैशाली समेत कई प्रमुख बौद्ध स्थलों का भ्रमण किया। इसके बाद सभी यात्री नेपाल के लुंबिनी पहुंचे थे। शनिवार सुबह लुंबिनी से दल श्रावस्ती के लिए रवाना हुआ था।
बताया गया कि श्रावस्ती पहुंचने से कुछ किलोमीटर पहले बस में सवार महिला ने अचानक सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की। उसकी हालत बिगड़ते देख सहयात्रियों में शामिल श्रीलंकाई महिला स्वास्थ्यकर्मी ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया। महिला को सीपीआर भी दिया गया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसकी हालत सामान्य नहीं हो सकी।
महिला की हालत लगातार बिगड़ती देख चालक ने बस को बलरामपुर की ओर मोड़ दिया। उसे जिला मेमोरियल चिकित्सालय की इमरजेंसी में लाया गया। वहां तैनात चिकित्सक डॉक्टर अल्ताफ ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। सहयात्रियों के मुताबिक दल की धार्मिक यात्रा अभी करीब छह दिन और चलनी थी। 22 अगस्त को दल को दिल्ली से श्रीलंका के लिए रवाना होना था।लेकिन यात्रा के बीच अचानक हुई साथी महिला की मौत ने पूरे दल को झकझोर दिया। कुछ देर पहले तक धार्मिक स्थलों के दर्शन और यात्रा को लेकर उत्साहित यात्रियों के बीच अचानक मातम छा गया।