कांजी हाउस वाला हॉस्पिटल, महज 10×10 फीट के अंधेरे कमरे में मरीजों का इलाज जारी, Video

जशपुर। अँधेरे कमरे बेहद छोटे परिसर में अस्पताल जैसी व्यवस्था संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के बीच इसे ‘कांजी हाउस वाला हॉस्पिटल’ कहा जा रहा है।

दरअसल पत्थलगांव थाना क्षेत्र के लुडेग में एक मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित रूप से क्लिनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ‘माँ मेडिकल स्टोर’ के पिछले हिस्से में मरीजों को बेड पर रखकर ड्रिप और इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। मामले से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर के अंदर मरीजों के लिए बेड लगाए गए हैं। सामने आए वीडियो में मरीजों को बेड पर लेटे हुए तथा सलाइन की बोतलें लगी हुई दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि यहां बिना अधिकृत चिकित्सकीय व्यवस्था के मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

मेडिकल स्टोर की आड़ में इलाज का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान के बाहर मेडिकल स्टोर का बोर्ड लगा है, लेकिन अंदर मरीजों को भर्ती कर उपचार किए जाने जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह स्वास्थ्य संबंधी नियमों और निर्धारित अनुमति के उल्लंघन का मामला हो सकता है। मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि इलाज के दौरान किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है या दवा से प्रतिकूल प्रतिक्रिया होती है, तो ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी।

बायो-मेडिकल कचरे और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

मेडिकल उपचार के दौरान इस्तेमाल होने वाली सुइयों, सलाइन की बोतलों और अन्य चिकित्सकीय सामग्री के सुरक्षित निपटान को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण से बचाव और बायो-मेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण के लिए निर्धारित व्यवस्था जरूरी होती है।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मेडिकल स्टोर की जांच कराने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वहां किस प्रकार की चिकित्सकीय गतिविधियां संचालित की जा रही थीं और उनके लिए आवश्यक अनुमति मौजूद थी या नहीं।

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