बागपत। अवैध संबधों का विरोध करने पर मंदिर के महंत ने दो युवकों को नशीली चाय पिलाई, जहर का इंजेक्शन लगाया। इसके बाद मंदिर में ही गड्ढा खोदकर जमीन में गाड़ दिया। दोनों युवकों के साथ 25 जुलाई को महंत ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। तभी से मामले की पड़ताल में जुटी पुलिस ने गुरुवार को महंत की करतूत का खुलासा कर दिया। जमीन में गाड़े गए दोनों युवकों के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों युवकों में से एक की बहन से महंत का अवैध संबंध था।
सिंगौली तगा निवासी 32 वर्षीय इसरार पुत्र रिड़कू और 28 वर्षीय दिव्यांग अंकित पुत्र मुकेश दोस्त थे। इसरार मकानों में वॉल पुट्टी का काम करता था। पिछले कुछ दिनों से वह अंकित के घर पर ही कार्य कर रहा था। 25 जुलाई को दोनों दोस्त घर से बाइक लेकर रटौल के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं आए। परिजनों ने 27 जुलाई को चांदीगनर थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने को तहरीर दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के साथ उनकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने इसरार और अंकित के फोन नंबरों की सीडीआर निकलवाई, जिसके आधार पर शक की सुई लहचौड़ा के गणेश मंदिर के मंहत नरेशनाथ निवासी कुण्डशवरी थाना उधम सिंह नगर उत्तराखंड के आसपास घूमने लगी। पुलिस ने मंहत नरेशनाथ के चेले उज्जवल निवासी पूरनपुर नवादा को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो उसने पुलिस को दोहरे हत्याकांड की सारी कहानी बता दी।
थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि महंत के अंकित की बहन के साथ अवैध संबंध थे। अंकित और उसका दोस्त इसरार इसका विरोध कर रहे थे। 25 जुलाई को दोनों, महंत को समझाने लहचौड़ा मंदिर आए थे। महंत द्वारा पहले उन्हें नशीली चाय पिलाई गई और फिर जहर का इंजेक्शन लगाया। जब दोनों की मौत हो गई तो मंदिर प्रांगण में जहां धूनी थी वहीं गढ्ढा खोदकर दोनों को दबा दिया था।