कुशीनगर। कप्तानगंज में पेड़ से टकराकर गंभीर रूप से घायल 25 वर्षीय राजू की मरीज माफिया के चक्कर में जान चली गई। मेडिकल कॉलेज में भर्ती राजू को अच्छा इलाज दिलाने के मान पर मरीज माफिया उसे एक निजी अस्पताल पहुंचा दिए। निजी अस्पताल ने उसके सिर का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों ने आगे इलाज के लिए पैसे नहीं होने की बात कही तो उन्हें मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। पैसे के अभाव में परिजन राजू को लेकर घर के लिए निकले और रास्ते में उसकी मौत हो गई। राजू का इलाज मेडिकल कॉलेज में ही जारी रहता तो शायद उसकी जान नहीं जाती।
घायल राजू को पहले कप्तानगंज सीएचसी ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के दौरान एक युवक उनके संपर्क में आया। उसने फातिमा बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया। इसके बाद राजू को वहां ले जाया गया। रात करीब 8:30 बजे स्वेच्छा से बाहर इलाज कराने के लिए उसके परिवारीजनों ने मेडिकल कालेज चौकी पर नाम-पता दर्ज कराया और राजू को युवक के निजी कार से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
राजू राजगीर मिस्त्री का काम करता था। दो साल पहले उसकी शादी ज्योति से हुई थी। उसकी 10 महीने की मासूम बेटी है। बहन को ससुराल से मांगलिक कार्यक्रम के लिए घर लाने निकला राजू खुद घर नहीं लौट सका। जिस घर में कार्यक्रम की तैयारियां हो रही थीं, वहां अब मातम पसरा है।