धमतरी। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में प्रभावी विवेचना एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में बिरेझर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
बिरेझर पुलिस चौकी में दर्ज अपराध क्रमांक 199/2024 के नाबालिग के अपहरण एवं लैंगिक अपराध के प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी), द्वारा आरोपी कोमल लहरे निवासी मोहदा को दोषसिद्ध पाते हुए कठोर दंड से दंडित किया गया।
प्रकरण में प्राप्त शिकायत के आधार पर चौकी बिरेझर में भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा सतत पतासाजी, तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रमाणों के आधार पर पीड़ित बालिका को सकुशल बरामद किया गया। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों एवं वैधानिक कार्यवाही के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376(2)(जे)(एन) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) की धारा 6 के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों से संतुष्ट होकर आरोपी को दोषी ठहराते हुए धारा 363 भा.दं.सं. के अंतर्गत 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000/-रूपये अर्थदंड, धारा 366 भा.दं.सं. के अंतर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000/-रुपये अर्थदंड, और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3,000/-रूपये अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने केस की उत्कृष्ट विवेचना, सशक्त साक्ष्य संकलन एवं प्रभावी न्यायालयीन समन्वय के फलस्वरूप आरोपी को कठोर दंड दिलाने पर तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
दोषी आरोपी का नाम
कोमल लहरे पिता ईतवारी राम लहरे, उम्र 21 वर्ष, निवासी मोहदा अमलेश्वर दुर्ग