धमतरी। गंगरेल बांध के प्रसिद्ध “मिनी गोवा” साइड में पर्यटन विकास को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई है। बीजेपी नेता खूबलाल ध्रुव के प्रयास से सिलतरा नंदेश्वरी माता मंदिर क्षेत्र को अद्भुत एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने जोर दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और इको-टूरिज्म को एक साथ जोड़कर क्षेत्र को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करना है।
नंदेश्वरी धाम बनाने यह पहल केवल पर्यटन विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रकृति संरक्षण, स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर रहेगा।इस पहल से गंगरेल बांध के “मिनी गोवा” क्षेत्र को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ ही आसपास के छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है।

आस्था का प्राचीन केंद्र है नंदेश्वरी माता मंदिर
सिलतरा स्थित नंदेश्वरी माता मंदिर क्षेत्र का प्राचीन और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। भक्तों में मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ माता के दरबार में की गई प्रार्थना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
विशेष अवसरों पर मंदिर में पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन और माता का आशीर्वाद लेने की परंपरा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र रहती है। मंदिर परिसर की धार्मिक महत्ता के साथ गंगरेल बांध क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता इसे पर्यटन की दृष्टि से भी खास बनाती है।

“प्रकृति के संग विकास—पर्यटन से समृद्धि” इस पहल का मूल उद्देश्य
“प्रकृति के संग विकास—पर्यटन से समृद्धि” की सोच को जमीन पर उतारना है। धार्मिक पर्यटन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर सिलतरा क्षेत्र को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में पहचान दिलाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
यदि योजना के अनुरूप क्षेत्र का विकास होता है तो आने वाले समय में केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति और स्थानीय विकास के अनूठे संगम के रूप में भी उभर सकता है।