दुर्ग। साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना सुपेला एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराने वाले 6 खाताधारकों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की है।पुलिस के अनुसार, थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 679/2026 की जांच के दौरान साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों का विश्लेषण किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के लेनदेन की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 2,000 से 15,000 तक के कमीशन/प्रतिफल के बदले अपने बैंकिंग साधन अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे।जांच में इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित करने और प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। बैंक खातों के विश्लेषण में लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि के लेनदेन का पता चला।पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 16 सितंबर को कार्रवाई करते हुए 6 संबंधित खाताधारकों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश सोना (22), हेमन्त कुमार मिश्रा (37), मोहम्मद आरिफ (30), वीरेन्द्र विश्वकर्मा (34), अखिलेश गुप्ता (55) और रीना देवी शामिल हैं। सभी आरोपी दुर्ग जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
ऐसे करते थे खातों का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक व सिम कार्ड अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे। इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसका लेनदेन करने के लिए किया जाता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।