दुर्ग। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जलभराव और पुल-पुलियों के ऊपर पानी का बहाव शुरू हो गया। हालात को देखते हुए दुर्ग पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने दिन-रात राहत एवं बचाव अभियान चलाकर विभिन्न स्थानों पर फंसे 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
महादेव घाट, पुलगांव, कोही, महामारा-कोही, बोरी-ननकट्टी, समुद्रा नाला और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव के कारण आवागमन बाधित रहा। महादेव घाट में आमलेश्वर-रायपुर मार्ग के पुल पर पानी बहने के कारण बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद किया गया। वहीं बोरी-ननकट्टी और ननकट्टी-दुर्ग मार्ग पर शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन रोक दिया गया।
खारुन नदी के भाटपारा क्षेत्र में भी पानी के प्रवेश और पुल-पुलियों पर तेज बहाव की स्थिति बनी। पुलगांव में शिवनाथ नदी की निचली पुलिया पूरी तरह जलमग्न रही। इसके अलावा बेमेतरा-राजनांदगांव मार्ग के घोड़ागोड़खी पुल और धमधा-तितुरघाट मार्ग पर पानी भरने के कारण यातायात बंद किया गया।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तैनात रहीं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भी पहुंचाई गई। पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर ने संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और राहत-बचाव कार्यों के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस ने नागरिकों से जलभराव और तेज जलप्रवाह वाले मार्गों पर जाने से बचने, सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। गणेश विसर्जन के लिए पुलगांव शिवनाथ नदी क्षेत्र में आने वाले लोगों से भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।