भोपाल। सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने और खेतों में खड़ी फसल नष्ट होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को वोट देकर जीत दिलाई, उन्हीं गरीब परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ अधिकारी इस तरह की कार्रवाई करके भाजपा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बदनाम करना चाहते हैं।
मीडिया से बातचीत में चौहान ने कहा कि प्रभावित परिवारों के साथ जो हुआ, वह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि गरीबों के घर टूटे हैं, उनकी फसलें बर्बाद हुई हैं और उनके सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को देने की बात कही।
मुख्य सचिव से की बात
मामले को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से फोन पर बात कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने की बात भी कही। चौहान ने भरोसा दिलाया कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाने तथा तब तक रहने और खाने की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कोसमी गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आदिवासी परिवारों के घरों के साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा। अब इस मामले में प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।