भिलाई/दुर्ग। निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की रकम जुटाने के मामले में सुपेला पुलिस ने HDFC बैंक के एक रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बैंक में अपने पद का फायदा उठाकर बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी जुटाने और उन्हें कथित निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी राजकुमार तिवारी (37) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
15 लाख रुपये के निवेश से खुला मामला
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-7 भिलाई निवासी राजू नामदेव ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी योगेश साहू और अन्य लोगों ने निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश देने का भरोसा दिलाया। निवेश योजना को विश्वसनीय दिखाने के लिए अन्य ग्राहकों के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। आरोपियों की बातों में आकर प्रार्थी ने 21 मार्च 2025 को 15 लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में उसे लाभांश की राशि मिलती रही, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। रकम वापस करने का आश्वासन मिलता रहा, इसी दौरान प्रार्थी को पता चला कि अन्य लोगों से भी इसी तरह बड़ी रकम ली गई है।
बैंक में मिली जानकारी का कथित तौर पर किया इस्तेमाल
जांच के दौरान पुलिस ने निवेशकों के बयान, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। मोहम्मद रफी, साधना मिश्रा, शिबा शेख समेत अन्य निवेशकों के बयानों और दस्तावेजों से राजकुमार तिवारी की भूमिका सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार राजकुमार तिवारी HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि वह बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी हासिल कर उन्हें गोल्ड ईटीवी में निवेश और अधिक लाभ का प्रलोभन देता था।
चेक लेकर मुख्य आरोपी के खाते में जमा करता था रकम
विवेचना में पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिलने की बात कही गई है, जिनके अनुसार राजकुमार निवेशकों से चेक प्राप्त कर मुख्य आरोपी योगेश साहू के खाते में रकम जमा करता था। वहीं निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए शुरुआती दौर में लाभांश की रकम अपने खाते से दिए जाने का भी आरोप है। पुलिस का कहना है कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद राजकुमार तिवारी को प्रकरण में आरोपी बनाया गया और विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
सुपेला थाने में अपराध क्रमांक 961/2026 के तहत BNS की धारा 318(2), 318(4), 61(2) और 111(4) के अंतर्गत मामला दर्ज है। पुलिस द्वारा प्रकरण में बैंक खातों, लेन-देन और लाभांश भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच तथा अन्य साक्ष्यों का संकलन जारी है।