कासगंज/एटा। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से लापता हुए देवर-भाभी के शव एटा जिले की एक नहर में एक साथ मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों 8 सितंबर को कासगंज की नदरई नहर में छलांग लगाने के बाद से लापता बताए जा रहे थे। गुरुवार सुबह दोनों के शव एटा के मिरहची थाना क्षेत्र स्थित कुटैना माफी गांव के पास हजारा नहर में तैरते मिले।
शव दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही मिरहची पुलिस और फ्लड टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया। मृतकों की पहचान कासगंज निवासी कृष्णकांत, पिता गिरीश चंद्र, और उसकी भाभी प्रियंका, पत्नी पंकज के रूप में हुई है। बताया गया कि कृष्णकांत और प्रियंका 8 सितंबर को नदरई नहर में छलांग लगाने के बाद से लापता थे। इसके बाद से परिजन दोनों की तलाश कर रहे थे। गुरुवार को हजारा नहर में दोनों के शव एक साथ मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया।
मृतका प्रियंका के पति पंकज ने दावा किया कि मृतकों में उसका सगा भाई कृष्णकांत और उसकी पत्नी प्रियंका शामिल हैं। पंकज का कहना है कि उसका भाई आत्महत्या नहीं कर सकता। उसने गांव में चली आ रही पुरानी दुश्मनी का हवाला देते हुए दोनों की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। परिजनों की ओर से यह भी दावा किया गया है कि दोनों के हाथ बंधे हुए थे। हालांकि, इस दावे और मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस या पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नहीं हुई है।
मिरहची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और यह आत्महत्या है या किसी अन्य वजह से मौत हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस नहर तक पहुंचने की परिस्थितियों, मृतकों के लापता होने की घटना और परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों समेत सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।