दिल्ली। दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट को लेकर हुए विवाद में 48 वर्षीय पवन शर्मा की मौत हो गई। मामले में 65 वर्षीय सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके 36 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ 9 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों पर पवन शर्मा के साथ मारपीट करने का आरोप है।
प्राथमिकी के अनुसार, घटना 8 अक्टूबर को उस समय हुई, जब पवन शर्मा अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा शर्मा के साथ गुरुग्राम से दिल्ली लौट रहे थे। दोनों द्वारका सेक्टर-21 से मेट्रो में सवार हुए थे और वरिष्ठ नागरिकों के लिए निर्धारित सीट पर बैठे थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर दो व्यक्ति ट्रेन में चढ़े और मां-बेटे से सीट खाली करने के लिए कहा। इस दौरान बातचीत को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि पहले बुजुर्ग व्यक्ति ने पवन शर्मा को कॉलर से पकड़कर थप्पड़ मारा। इसके बाद उनके साथ मौजूद युवक ने पवन को गले से पकड़कर छाती पर कई मुक्के मारे।
पवन की मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन शिकायत के मुताबिक, बुजुर्ग आरोपी ने उनके हाथ पकड़ लिए। इसी दौरान पवन शर्मा अचानक मेट्रो ट्रेन के फर्श पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। घटना के बाद मेट्रो स्टाफ मौके पर पहुंचा और उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
पवन शर्मा को कैट्स एंबुलेंस से लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिको-लीगल रिपोर्ट में उनके दाहिने गाल, छाती के पास गर्दन वाले हिस्से और दाहिने हाथ के अंगूठे पर चोट के निशान दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके 36 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है।