रायपुर। राजधानी रायपुर में करीब दो साल पुराने महिला हत्याकांड में नॉर्थ जोन पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। खमतराई थाना क्षेत्र में 21 अगस्त 2024 को हुई लता साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में घटना के समय मृतिका के नाखूनों से मिले जैविक साक्ष्य (Biological Traces) और उनकी DNA प्रोफाइलिंग जांच अहम कड़ी साबित हुई। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में संदिग्धों के DNA सैंपल का पहले से सुरक्षित साक्ष्यों से मिलान कराया गया, जिसमें तीनों आरोपियों का DNA मेल खाने की बात सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से लगातार पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद हत्या से जुड़े घटनाक्रम का खुलासा हुआ। लगभग दो वर्ष पुराने इस मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को पुलिस ने वैज्ञानिक विवेचना की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। 21 अगस्त 2024 को लता साहू की हत्या हुई थी। जांच के दौरान मृतिका के हाथों के नाखूनों में अज्ञात व्यक्तियों के जैविक अंश मिले थे। पुलिस ने इन साक्ष्यों को सुरक्षित कराकर DNA प्रोफाइलिंग कराई थी, ताकि भविष्य में संदिग्धों की पहचान होने पर उनका वैज्ञानिक मिलान किया जा सके।पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कथनों में सामने आया कि घटना के दिन तीनों लता साहू के घर पर शराब पी रहे थे। शराब समाप्त होने के बाद दोबारा शराब मांगने को लेकर विवाद हुआ और फिर झूमाझटकी शुरू हो गई।

आरोप है कि इसी दौरान एक आरोपी ने महिला का गला दबाया, जबकि अन्य दो ने उसके हाथ-पैर पकड़ रखे थे।अपने खुलासे में पुलिस ने बताया कि महिला ने बचने के लिए आरोपियों को नाखूनों से नोचने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपियों के जैविक अंश उसके नाखूनों में आने की बात सामने आई। बाद में इसी साक्ष्य के DNA मिलान से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली।पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के बाद आरोपी घर में रखी नगदी, साड़ी और पायल लेकर पीछे की दीवार से निकलकर फरार हो गए थे। कथित तौर पर नगदी आपस में बांट ली गई, जबकि साड़ी और पायल मनहरण सारंग ने अपने पास रख ली थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और वस्तुओं के संबंध में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में सामने आए घटनाक्रम की पुष्टि और साक्ष्यों का परीक्षण पुलिस विवेचना का हिस्सा है।इस मामले में घटना के समय आरोपी अज्ञात थे। पुलिस ने मृतिका के नाखूनों से मिले जैविक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा और DNA प्रोफाइल तैयार कराई। वर्ष 2026 में संदिग्धों के संबंध में जानकारी मिलने के बाद उनके DNA सैंपल लिए गए।पुलिस के मुताबिक, पुराने DNA प्रोफाइल से मिलान कराने पर तीनों आरोपियों के DNA के मेल खाने की बात सामने आई। इसके बाद उनसे लगातार पूछताछ की गई और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुराने गंभीर अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उनका दोबारा विश्लेषण करना महत्वपूर्ण होता है। इसी प्रक्रिया से इस मामले में आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।खमतराई पुलिस ने मनहरण सारंग, राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू और राजू मंडल उर्फ बंगाली को गिरफ्तार किया गया है।