यातायात हवलदार गिरीवर टंडन ने निभाया मानवता का फर्ज
निभाया मानवता का फर्जसाथियों, अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि यातायात पुलिस के कुछ जवान वाहन चालकों से सख्ती या दुर्व्यवहार करते हैं। कई बार उनके व्यवहार को लेकर नाराजगी भी सामने आती है। लेकिन इसी विभाग में कुछ ऐसे संवेदनशील और मानवता से भरे लोग भी हैं, जो अपनी ड्यूटी को केवल नौकरी नहीं बल्कि सेवा का माध्यम मानते हैं। कल शनिवार की रात जय स्तंभ चौक पर ऐसा ही एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जिसने यह एहसास कराया कि इंसानियत आज भी जिंदा है।
कल रात लगभग 9 बजे रायपुर के जय स्तंभ चौक पर तेज बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और गंदगी फैली हुई थी, यातायात भी काफी बढ़ गया था। ऐसे कठिन माहौल में एक विकलांग व्यक्ति अपने दोनों हाथों और पैरों के सहारे सड़क पर घिसटते हुए किसी तरह चौक पार करने का प्रयास कर रहा था।
वह बार-बार कोशिश कर रहा था, लेकिन भीड़ और वाहनों के बीच आगे बढ़ पाना उसके लिये बेहद कठिन हो गया था। कभी कभी लगता था उसे कोई वाहन चाहल या तो धक्का मार देगा या फिर वह किसी गाड़ी के नीचे आ जायेगा। तभी वहां ड्यूटी पर तैनात यातायात हवलदार गिरीवर टंडन की नजर उस असहाय व्यक्ति पर पड़ी। उन्होंने केवल एक पुलिसकर्मी का नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान का परिचय दिया। हवलदार गिरीवर टंडन तुरंत उसके पास पहुंचे। उन्होंने बड़े आत्मीय भाव से उसे सहारा दिया और खुद आगे-आगे चलते हुए सुरक्षित तरीके से उसे जय स्तंभ चौक पार कराया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के दिल को छू गया।
इसी दौरान आमापारा की ओर जा रहा एक खाली ऑटो रिक्शा दिखाई दिया। हवलदार गिरीवर टंडन ने ऑटो चालक से उस विकलांग व्यक्ति को उसके गंतव्य तक पहुंचाने का आग्रह किया। ऑटो चालक ने भी मानवता का परिचय देते हुए बिना किसी हिचकिचाहट के उस व्यक्ति को ऑटो में बैठाया और उसे लेकर रवाना हो गया।सचमुच, दुनिया आज भी इंसानियत और संवेदनाओं के सहारे ही टिकी हुई है। यातायात हवलदार गिरीवर टंडन की यह छोटी-सी मानवता समाज के लिये एक बड़ी प्रेरणा है। ऐसे लोगों को दिल से सेल्युट।
साभार – वरिष्ठ फोटोग्राफर गोकुल सोनी ने फेसबुक में तस्वीर सहित लेख साझा किया है…