लखनऊ। हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट चलाने में लखनऊ से गिरफ्तार उजबेकिस्तान की लोला क्यूमोवा आठ साल से अवैध रूप से देश में रहकर यूपी समेत दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में गिरोह चला रही थी। मंगलवार को एफआरआरओ के इनपुट पर सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने उसे दबोचा था। पूछताछ में पता चला कि उसने विदेशी युवतियों के लिए कई तरह के पैकेज बनाए थे। घंटे, पूरी रात और हफ्ते के हिसाब से रेट तय थे। कुछ घंटे के छह हजार और रात भर के लिए 20 से 25 हजार का रेट था। हफ्ते भर के लिए साथ भेजने पर एक से डेढ़ लाख रुपये लेती थी।
पूछताछ में पता चला कि सेक्स रैकेट के लिए युवतियों को उजबेकिस्तान से टूरिस्ट या मेडिकल वीजा पर बुलाती थी। उनकी प्लास्टिक सर्जरी कराकर भारतीय रंग रूप देती। व्हाट्सऐप ग्रुप और दलालों की मदद से अमीरों की मांग पर रिजार्ट, होटल और रेव पार्टी में युवतियों को भेजकर उनसे देह व्यापार कराती थी। लोला की व्हाट्सऐप चैट में कई गिरोह के बारे में जानकारियां मिली हैं। बुधवार को पुलिस ने लोला को जेल भेज दिया।
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के मुताबिक, लोला भारत में वर्ष 2018 में टूरिस्ट वीजा पर आई थी। तीन महीने बाद उसके वीजा की अवधि खत्म हो गई। इसके बाद वह अवैध रूप से यहां रह रही थी। गिरोह के कुछ लोगों की मदद से उसने भारत का फर्जी आधार कार्ड, पैनकार्ड समेत अन्य दस्तावेज बनवा लिए थे। बैंक में खाते भी खुलवाए थे। लोला के खिलाफ जून 2025 में मुकदमा दर्ज हुआ था।
लोला के साथ ही सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्थित मिनर्वा क्लीनिक के संचालक व प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता के अलावा त्रिजिनराज उर्फ अर्जुन राणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद लोला अंडरग्राउंड हो गई। अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली बसंथ कुमार के मुताबिक लोला से पूछताछ में और व्हाट्सऐप चैट में आपत्तिजनक मैसेज और वीडियो आदि मिले हैं। सेक्स रैकेट संचालन के साक्ष्य मिले हैं।