रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। खमतराई थाना क्षेत्र के बजरंग नगर उरकुरा निवासी एक व्यापारी को साइबर ठगों ने 6 करोड़ 80 लाख रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने का डर दिखाकर 8.50 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी और IPS अधिकारी बताकर व्यापारी व उसकी पत्नी को लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा। ठगी की रकम पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी और सोने के जेवर बेचकर जुटाई थी।
पुलिस के अनुसार, व्यापारी देवसिंह साहू ने खमतराई थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 18 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9 बजे उन्हें एक अज्ञात महिला ने फोन किया। महिला ने बताया कि ICICI बैंक में 6 करोड़ 80 लाख रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और इस संबंध में उन्हें आदित्य नाम के व्यक्ति से बात करने को कहा।
इसके बाद आदित्य नाम के व्यक्ति ने व्यापारी से उनके परिजनों, जमीन-जायदाद और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी हासिल की। कुछ समय बाद एक अन्य नंबर से कॉल और व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बलराज सिंह, CBI अधिकारी बताया और व्यापारी तथा उनके परिवार के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए प्रदीप सिंह नामक व्यक्ति से बात कराई गई। उसने खुद को IPS अधिकारी बताते हुए व्यापारी को डराया कि उनके खाते में 6 करोड़ 80 लाख रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। आरोपियों ने पैसों का मिलान करने के नाम पर व्यापारी से रकम जमा कराने को कहा। साथ ही धमकी दी कि यदि रकम का मिलान नहीं हुआ तो CBI और पुलिस उनके परिवार के सदस्यों को उठाकर ले जाएगी।
लगातार वीडियो कॉल पर रखते थे निगरानी
आरोपियों ने व्यापारी को इतना भयभीत कर दिया कि वह अपने बेटे-बेटी तक को घटना की जानकारी नहीं दे सके। ठग उन्हें और उनकी पत्नी इंदु साहू को वीडियो कॉल के दौरान अपने सामने बैठे रहने के लिए कहते थे। 18 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार वीडियो कॉल के जरिए मीटिंग और पैसों के ट्रांजेक्शन की जानकारी दी जाती रही।
डर और दबाव में आकर व्यापारी ने आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कई बार ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की। शिकायत के मुताबिक, 4 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 8.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे गए।
व्यापारी ने बताया कि ठगों को दी गई रकम उसकी जीवनभर की जमा पूंजी और सोने के जेवर बेचकर जुटाई गई राशि थी। इसके बावजूद आरोपी लगातार और पैसे की मांग करते रहे।
भाई को बताने के बाद खुला साइबर ठगी का राज
लगातार पैसों की मांग और धमकियों से परेशान होकर व्यापारी ने 3 अक्टूबर 2026 को हिम्मत जुटाकर अपने छोटे भाई सुंदर लाल साहू को पूरी घटना की जानकारी दी। भाई ने उन्हें बताया कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि इस घटना के चलते उनकी जीवनभर की जमा पूंजी चली गई और वे मानसिक एवं आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, वीडियो कॉल और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनकी जानकारी के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच की जा रही है।