रायपुर। सरकारी नौकरी लगाने और ट्रांसफर कराने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में रायपुर कमिश्नरेट की सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताकर लोगों को झांसा दिया। इनमें से एक आरोपी ने खुद को प्रदेश के गृह मंत्री का निज सहायक होने का झूठा परिचय भी दिया था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी बोस्टो तांडी ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। आरोपियों की बातों में आकर प्रार्थी ने उन्हें 70 हजार रुपये दे दिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।

करीब 15 लोगों से 25 लाख रुपये लेने की बात आई सामने
प्रार्थी की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 528/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 और 3(5) में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने प्रार्थी और गवाहों से पूछताछ कर मामले की जांच की।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आदित्य मोहन पंडा (23 वर्ष), निवासी कमल विहार, रायपुर और संतराम यादव (38 वर्ष), निवासी हिमालया हाइट्स, देवपुरी, रायपुर को हिरासत में लिया।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अब तक करीब 15 लोगों से नौकरी लगवाने और ट्रांसफर कराने के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। पुलिस इस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका और अन्य पीड़ितों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
अन्य पीड़ितों की भी हो सकती है पहचान
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम कितने लोगों से ली गई और इस मामले में अन्य व्यक्ति भी शामिल हैं या नहीं। सरकारी नौकरी और ट्रांसफर कराने का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाए जाने के इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे होने की संभावना है।