बिलासपुर। सरकंडा थाना पुलिस ने बस बुकिंग एजेंट से मारपीट कर जबरन उगाही (रंगदारी) करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले का एक अन्य आरोपी फरार है।
पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।पुलिस के अनुसार, टिकरापारा निवासी शरद कश्यप (27) अंबिका बस क्रमांक CG15-IJ-8093 में बुकिंग एजेंट का काम करता है। 6 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:20 बजे वह पेट्रोल पंप के पास बिलासपुर से अंबिकापुर जाने वाली बस का हिसाब बना रहा था। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर चार आरोपी वहां पहुंचे और पिछले सप्ताह की रंगदारी के पैसे मांगने लगे।
शरद कश्यप द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इस दौरान बस के हिसाब के करीब 11 हजार रुपये और मोबाइल गिर गए। बाद में मोबाइल और कुछ पैसे मिल गए, लेकिन लगभग 3,300 रुपये नहीं मिले। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके साथियों सैफी गौरी और परवेज के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने जाते समय जान से मारने की धमकी भी दी।
प्रार्थी की शिकायत पर सरकंडा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 1450/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों तारण निर्मलकर (37), घनश्याम तोण्डे उर्फ छोटू (28) और बाला उर्फ मोन्टू यादव (27), सभी निवासी तिफरा क्षेत्र, बिलासपुर को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले का चौथा आरोपी हसन खान अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।