जशपुर। जिले में गौवंशों की अवैध तस्करी और परिवहन के खिलाफ जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 70 बैलों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है। पुलिस ने इस मामले में 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 नवंबर की सुबह करीब 7 बजे थाना पत्थलगांव पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी संख्या में बैलों को पैदल हांककर अवैध रूप से दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी में हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार ताम्रकार के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल ग्राम बेलडेगी के लिए रवाना हुई।पुलिस टीम ग्राम बेलडेगी स्थित शंकर ढाबा के पास पहुंची, जहां कुछ लोग बड़ी संख्या में बैलों को पैदल हांककर ले जाते मिले। पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में घेराबंदी कर मौके से 23 लोगों को हिरासत में लिया।
उनके कब्जे में मौजूद कुल 70 बैलों के स्वामित्व और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज या रसीद प्रस्तुत नहीं कर सके।इसके बाद पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध क्रमांक 266/2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं। इनमें हीरो स्प्लेंडर प्लस क्रमांक CG14ML5856 और हीरो स्प्लेंडर क्रमांक CG14MW4009 शामिल हैं।पुलिस ने सभी 70 गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके बाद उनकी सुरक्षा और देखरेख के लिए गौशाला भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में जशपुर जिले के बटईकेला, बगिया, नारायणपुर, कुनकुरी, मनोरा और अन्य क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। इसके अलावा झारखंड के गुमला जिले के जारी थाना क्षेत्र के निवासी भी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने और अपराध स्वीकार करने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।