कोलकाता। NIA ने दुर्गापुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले कारोबारी गुलाम रजा के घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। रजा पर मानव तस्करी विशेष रूप से महिलाओं की तस्करी में शामिल होने का आरोप है। बिहार के मुजफ्फरपुर के मूल निवासी रजा करीब तीन साल पहले अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ दुर्गापुर आकर बस गए थे। उन्होंने दुर्गापुर स्टील प्लांट क्षेत्र के पास एक मकान खरीदा था। जांच में पता चला कि रजा ट्रैवल एजेंसी का भी कारोबार करता था। इस एजेंसी के जरिए वह राज्य के बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों को विदेश में नौकरी दिलाने का इंतजाम करता था।
हालांकि, प्रवासी मजदूरों को विदेश खासकर पश्चिम एशिया के देशों में नौकरी दिलाने की आड़ में उस पर एक ऐसे गिरोह से जुड़े होने का आरोप है, जो लोगों के लिए फर्जी पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय की टीम के साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी के छह अधिकारी, जिनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थीं, जब रजा के घर छापेमारी करने पहुंचे, तब शुरुआती तौर पर इस कार्रवाई की वजह स्पष्ट नहीं थी।
हालांकि, उसकी गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई की वजह साफ हो गई। जांच में पता चला कि रजा खुद भी उन देशों में अक्सर जाता था, जहां वह प्रवासी मजदूरों को भेजता था। उस पर इन देशों में युवा महिलाओं की तस्करी करने का भी आरोप है। आखिरकार, छापेमारी और तलाशी के दौरान लंबी पूछताछ के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने रजा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अधिकारी उसका चेहरा ढंककर उसे घर से बाहर लेकर आए। बताया जा रहा है कि उसे आज ही कोलकाता स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां एजेंसी उसकी रिमांड की मांग कर सकती है। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी अब रजा से पूछताछ कर उसके साथियों और इस पूरे गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाएंगे।
पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पश्चिम बंगाल कैबिनेट की बैठक में कोलकाता में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का पुलिस थाना स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एनआईए का पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित है और फिलहाल एजेंसी के पूर्वी क्षेत्र से जुड़े सभी कामकाज वहीं से संचालित किए जाते हैं।