धमतरी। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक संचालित प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” के तहत पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.सी. पटेल के मार्गदर्शन में धमतरी पुलिस द्वारा जिलेभर में साइबर जागरूकता की मुहिम लगातार जारी है।
अभियान के अंतर्गत जिले के 14 थाना/चौकी क्षेत्रों में विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 2000 छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई।कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों को सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया गया कि साइबर अपराधी किस प्रकार फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक, सोशल मीडिया प्रोफाइल एवं विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
“एक गलती, बड़ा नुकसान” – डिजिटल सतर्कता का दिया संदेशजागरूकता कार्यक्रमों के दौरान आमजन को विशेष रूप से समझाया गया कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने, फर्जी KYC अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, फर्जी इनाम/लॉटरी, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई।
मैं जागरूक हूँ, आप भी जागरूक बनें।
छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” से जुड़ें और साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में अपनी भागीदारी निभाएं। अभियान से जुड़ने के लिए cgpolice-cyberjaagrutiabhiyaan.com पर क्लिक करें अथवा अपनी साइबर जागरूकता सेल्फी वाले फ्रेम में दिए गए QR कोड को स्कैन कर सेल्फी लें और उसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर करें।
सोशल मीडिया पर सावधानी, ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षा
विद्यार्थियों एवं नागरिकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट को मजबूत पासवर्ड एवं टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित रखने, अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट एवं संदिग्ध प्रोफाइल से सावधान रहने तथा निजी फोटो, दस्तावेज एवं व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया।ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को विशेष रूप से UPI एवं ऑनलाइन बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई तथा किसी भी प्रकार के संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन में तत्काल सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।
“खुद जागरूक बनें, 5–10 लोगों को जागरूक करें”
पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए इसे जन-जागरूकता की श्रृंखला बनाने की अपील की गई।आमजन से कहा गया कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों, सहकर्मियों एवं आसपास के कम से कम 5 से 10 लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि एक व्यक्ति से शुरू हुआ जागरूकता का संदेश अनेक परिवारों तक पहुंचे।
थाना/चौकीवार आयोजित जागरूकता कार्यक्रम
(01) थाना सिटी कोतवाली धमतरी – शासकीय बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव पी.जी. कॉलेज धमतरी
(02) थाना अर्जुनी – शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल खरतुली एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पोटियाडीह
(03) थाना रूद्री – पॉलिटेक्निक कॉलेज रूद्री
(04) थाना कुरूद – हाई स्कूल ग्राम भैसमुंडी
(05) थाना भखारा – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसमर्रा
(06) थाना मगरलोड – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसमुंडी
(07) चौकी बिरेझर – शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल करगा
(08) चौकी करेली बड़ी – शासकीय हाई स्कूल ग्राम बुड़ेनी
(09) थाना करेगांव – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोथापारा
(10) थाना अकलाडोंगरी – शासकीय माध्यमिक शाला चिखली
(11) थाना नगरी – हायर सेकेंडरी स्कूल डोंगाडुला
(12). थाना सिहावा – हायर सेकेंडरी स्कूल आमगांव
(13) थाना दुगली – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुहाननाला
(14) थाना बोराई – शासकीय माध्यमिक विद्यालय मैनपुर
साइबर ठगी होने पर देर न करें
तुरंत 1930 धमतरी पुलिस ने आमजन को स्पष्ट रूप से बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो घबराने अथवा चुप बैठने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें तथा संबंधित पुलिस थाना को भी इसकी जानकारी दें।समय पर की गई शिकायत से ठगी की रकम को रोकने/वापस प्राप्त करने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।