रायगढ़। जिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत तमनार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने CHP चौक लिबरा हिंसा मामले में तीन महिलाओं समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में अब तक 38 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा स्थित CHP चौक पर प्रभावित गांवों के लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। 27 दिसंबर 2025 को कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान आंदोलन अचानक उग्र हो गया था।
आरोप है कि आंदोलनकारियों ने पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए। उग्र भीड़ ने पुलिस दल को घेरकर पथराव किया और शासकीय व प्रशासनिक वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। पुलिस से शासकीय वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन लूटे जाने का भी आरोप है। प्लांट परिसर में भी तोड़फोड़ की गई थी।
मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया और उनके खिलाफ अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य पाए गए।
पुलिस ने कमलेश सेठ, अम्बिका चौधरी, सुनाउ सिदार, तपस्विनी प्रधान और भगवति सिदार को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ बलवा, आगजनी, पुलिस बल पर हमला, शासकीय कार्य में बाधा, लूटपाट और एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले मामले में राजेश मरकाम, अनिल बेहरा और शिवशंकर प्रधान उर्फ शंकर गुप्ता समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए “ऑपरेशन क्लीन हंट” लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली हिंसक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।