डीएड का फर्जी अंकसूची और 16 साल तक नौकरी, बलौदाबाजार में सहायक शिक्षक की खुली पोल

बलौदाबाजार। जिला प्रशासन ने फर्जी व कूटरचित दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने वाले एक सहायक शिक्षक पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर कसडोल विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला कंजिया में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) रामेश्वर प्रसाद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार पिसीद (कसडोल) निवासी हेमदास मानिकपुरी ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि रामेश्वर प्रसाद साहू ने वर्ष 2011 में फर्जी डी.एड. अंकसूची (सत्र 2008, रोल नंबर 47240442) प्रस्तुत कर शिक्षाकर्मी वर्ग-03 के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। संदेह तब गहराया जब नियुक्ति के 11 साल बाद उन्होंने पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर से दोबारा डी.एड. किया। इससे स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2011 की नियुक्ति के समय जमा किया गया प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी और कूटरचित था।

​जांच मे खुली पोल– कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत कसडोल और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कसडोल द्वारा जांच की गई। जांच रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ी पाई गई।​शिक्षक द्वारा 4 जनवरी 2011 को कार्यभार ग्रहण करते समय संलग्न डी.एड. प्रमाण पत्र के सील पर ‘जिला बलौदाबाजार’ अंकित था, जबकि बलौदाबाजार जिले का गठन वर्ष 2012 में हुआ था।​एक अन्य प्रतिवेदन के सील में ‘जिला रायपुर’ दर्ज था।​

जांच प्रतिवेदन के आधार पर शिक्षक के उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत पाया गया।छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत शिक्षक रामेश्वर प्रसाद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित के खिलाफ पृथक से विभागीय जांच संस्थित की जा रही है।निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पलारी तय किया गया है। नियम अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

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