यूपी। मऊ जिले में हत्या के एक आरोपी ने उम्रकैद की सजा से बचने के लिए अपनी मौत की झूठी कहानी रच डाली। आरोपी ने श्मशान घाट में चिता पर लेटे हुए अपनी तस्वीर AI और फोटो एडिटिंग की मदद से तैयार कराई। इसके बाद अपनी जगह चिता पर बकरे का दाह संस्कार करवा दिया और गाजीपुर से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। करीब 18 महीने तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू उर्फ राजकुमार के रूप में हुई है। वर्ष 2016 में मऊ के योगेश सिंह की हत्या के मामले में राजू और उसके साथी सुदर्शन के खिलाफ मुकदमा चल रहा था। मामले में गवाहों और साक्ष्यों के न्यायालय में पेश होने के बाद राजू को आजीवन कारावास की सजा होने का डर सताने लगा। इसी से बचने के लिए उसने खुद को मृत घोषित करने की योजना बनाई।
अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के मुताबिक, राजू ट्रेडिंग का काम करता था और उसने कई लोगों से इसमें निवेश कराया था। निवेश करने वाले दो होम्योपैथिक डॉक्टरों ने कथित तौर पर उसे सजा से बचने के लिए अपनी मौत का नाटक रचने की सलाह दी।
इसके बाद योजना के तहत राजू को फर्जी तरीके से अस्पताल लाया गया। AI और फोटो एडिटिंग की मदद से श्मशान घाट में चिता पर लेटे हुए उसकी तस्वीरें तैयार की गईं। फिर उसकी जगह बकरे का दाह संस्कार करा दिया गया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद गाजीपुर से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया गया, ताकि उसकी मौत को वास्तविक साबित किया जा सके।
सर्विलांस की मदद से 18 महीने बाद गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, राजू इस साजिश के जरिए करीब 18 महीने तक फरार रहा। आखिरकार सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।